नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ शाहीन बाग में धरना खत्म होने के बाद भी तनाव बरकरार है। प्रदर्शनकारियों ने सुप्रीम कोर्ट को पत्र लिखकर 24 मार्च को विरोध स्थल को जबरन हटाने और नष्ट करने की जांच करने की मांग की है।
वहीं भीड़ को एकत्र होने से रोकने के लिए हर गली में सुरक्षा बल तैनात हैं। पुलिस लोगों से घरों में ही रहने की अपील कर रही है। उधर, कुछ लोगों ने पुलिस पर हिरासत में लिए गए प्रदर्शनकारियों को प्रताड़ित करने के आरोप लगाए हैं। हालांकि पुलिस किसी भी प्रदर्शनकारी को हिरासत में लिए जाने से साफ इनकार कर रही है। प्रदर्शनकारी अफरोज का कहना है कि शाहीन बाग अभी देश की मुसीबत के साथ खड़ा है। लेकिन हालात सुधरने के बाद दोबारा से एक बड़ा आंदोलन खड़ा किया जाएगा।
तीन माह बाद सड़क पर दौड़ीं गाड़ियां
शाहीन बाग की सड़क 15 दिसंबर से धरने की वजह से बंद पड़ी थी। प्रदर्शनकारी सड़क पर कब्जा कर नागरिकता संशोधन कानून वापस लेने की मांग पर अड़े हुए थे। इस वजह से फरीदाबाद से नोएडा जाने वालों को काफी लंबा चक्कर लगाकर जाना पड़ा रहा था। लेकिन मंगलवार को रास्ता खाली होने के बाद आवश्यक कार्य से जुड़े लोगों ने शाहीन बाग रोड पर अपनी गाड़ियां दौड़ाई। जबकि नोएडा से फरीदाबाद जाने वालों को भी अपने गंतव्यों तक पहुंचने में आसानी हुई।